Thursday, 13 October 2016

🏽वुजू को तोड़ने वाली चीजें,🏽 वुजु के फ़ज़ाइल पार्ट 24, बरकाते शरीअत पोस्ट -032

बरकाते शरीअत पोस्ट -032
👉🏽 वुजु के फ़ज़ाइल पार्ट 24
🔹بسم الله الرحمن الرحيم
🔹الصــلوةوالسلام‎ عليك‎‎يارسول‎الله
🔹ﷺ

     👇🏽वुजू को तोड़ने वाली चीजें👇🏽
✏ पेशाब या पाखाना करना
✏ पाखाने के रास्ते से हवाका निकलना
✏ पेशाब पाखाने के रास्तों से किसी भी चीज़ का निकलना
✏ बदन के किसी हिस्से या किसी मकाम से खून या पीप निकल कर ऐसी जगह बहना जिस का वुजू या गुस्ल में धोना फ़र्ज़ है
✏ खाना  या पानी  या खून या पित की मुंह भर कै हो जाना
✏ इस तरह सो जाना कि बदनके जोड़ ढीले पड जायें
✏ बेहोश हो जाना, गशी तारी हो जाना
✏ किसी चीज का इस हदतक नशा चढ़ जाना कि चलने में क़दम लड़खड़ाए
✏ दुखती हुई आंख से पानी या कीचड़ निकलना
✏ रुकूअ और  सजदे वाली  नमाज़  में कहकहा लगा कर हंसना।
📚 (जन्नती जेवर/ आलमगीरी)

अल्लाह عَزَّ وَجَلَّहमे कहने सुनने से ज्यादा अमल करनेकी तौफ़ीक़ अता करे
📚हवाला: बरकाते शरीअत स.101
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  मौलाना  मोहम्मद  शाकिर  अली  नूरी
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Sunday, 9 October 2016

🏽वुजू के मकरुहात, वुजु के फ़ज़ाइल पार्ट 23, बरकाते शरीअत पोस्ट -031

बरकाते शरीअत पोस्ट -031
👉🏽 वुजु के फ़ज़ाइल पार्ट 23
🔹بسم الله الرحمن الرحيم
🔹الصــلوةوالسلام‎ عليك‎‎يارسول‎الله
🔹ﷺ
            👇🏽वुजू के मकरुहात👇🏽

मेरे प्यारे आक़ा صَلَّى اللّٰه ُ عَلَئهِٖ وَسَلَّم  के
प्यारे दीवानो वुजू में हम जाने अंजाने में कुछ
ऐसे काम भी  कर बैठते हैं  जिन के  करने से
वुजू मकरूह हो जाता है और सवाब में कमी
वाके हो जाती है। दर्ज जैल चन्द बातें वुजू में
मकरूह है उनके करने से  हमें बचना चाहिये
ताकि  वुजू के मुकम्मल  फ़ज़ाइल व फवाइद
हासिल हो सकें।

✏ औरत के गुस्ल  या वुजू के  बचे हुए पानी से वुजू करना।
✏ नजिस जगह वुजू का पानी गिराना।
✏ मस्जिद के अंदर वुजू करना।
✏ वुजूके पानी के कतरे वुजू के बर्तन में टपकाना।
✏ किब्ला की तरफ कुल्ली का पानी या नाक, खखार, थूक डालना।
✏ बेजरुरत  दुनिया  की  बातें  करना।
✏ जरुरत से ज्यादा पानी खर्च करना।
✏ इतना  कम  पानी   खर्च  करना  कि सुन्नतेँ अदा न हो।
✏ एक हाथ से मुंह धोना।
✏ मुंह पर पानी मारना।
✏ वुजू के कतरों को कपडे या मस्जिद में टपकने देना।
✏ वुजूकी किसी सुन्नत को छोड़ देना।

📚 (कानूने शरीअत)

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Thursday, 6 October 2016

🏽वुजू के मुस्तहब्बात, वुजु के फ़ज़ाइल पार्ट 22 ,बरकाते शरीअत पोस्ट -030

बरकाते शरीअत पोस्ट -030
👉🏽 वुजु के फ़ज़ाइल पार्ट 22
🔹بسم الله الرحمن الرحيم
🔹الصــلوةوالسلام‎ عليك‎‎يارسول‎الله
🔹ﷺ

          👇🏽वुजू के मुस्तहब्बात👇🏽

वुजू में जो चीजें मुस्तहब है उन मे से चन्द का जिक्र किया जाता है

✏ जो आजा जोड़े है मसलन दोनों हाथ दोनों पावं  तो  इनमे  दाहिने  से  धोने की इब्तिदा करे  मगर दोनों रुखसार  कि  इन दोनों  को   एक  ही   साथ  धोना  चाहिये युं ही  दोनों कानों का मसह एक ही साथ
होना चाहिये
✏ उंगलियों की पीठ से गर्दन का मसह करना
✏ ऊंची जगह पर बैठ कर वुजू करना
✏ वुजू का पानी पाक जगह पर गिराना
✏ अपने हाथ से वुजू का पानी भरना
✏ दूसरे  वक़्त  के  लिये  पानी  भर  के रख देना
✏ बिला जरुरत  वुजू करने में  दूसरे से मदद लेना
✏ ढीली अंगूठी को भी फिरा लेना
✏ साहिबे उज्र न हो  तो वक़्त से पहले वुजू कर लेना
✏ इत्मिनान से वुजू करना
✏ कानों के मसह के वक़्त उंगलियों कान के सूराखों में दाखिल करना
✏ कपड़ों को टपकते कतरात से बचाना
✏ वुजू का बर्तन मिट्टी का हो
✏ अगर वुजू का बर्तन लोटा हो तो बायीं तरफ रखें
✏ हर उज्व को धोकर उस पर हाथ फेर देना ताकि कतरे बदनपे न टपकेँ
✏ हर उज्व को धोते वक़्त बिस्मिल्लाह दुरुद शरीफ और कलिमए शहादत पढ़ना
✏ वुजू  के  बाद   अगर  मकरूह  वक़्त न हो तो दो रकअत नमाज़ पढ़ ले। (बनियत तहिय्यतुल वुजू)

📚(जन्नती जेवर, बहवाला आलमगीर)


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Wednesday, 5 October 2016

वुजू की सुन्नतें, वुजु के फ़ज़ाइल पार्ट 21, बरकाते शरीअत पोस्ट -029

 बरकाते शरीअत पोस्ट -029
👉🏽 वुजु के फ़ज़ाइल पार्ट 21

🔹بسم الله الرحمن الرحيم
🔹الصــلوةوالسلام‎ عليك‎‎يارسول‎الله
🔹ﷺ


            👇🏽 वुजू की सुन्नतें 👇🏽

👉🏾 वुजू में सोलह (16) चीजें सुन्नत है :

✏ वुजू की नियत करना
✏ बिस्मिल्लाह पढ़ना
✏ पहले दोनों हाथों को 3 दफा धोना
✏ मिस्वाक करना
✏ दाहिने हाथसे 3 मर्तबा कुल्लीकरना
✏ दाहिने  हाथ से  तीन मर्तबा  नाक में पानी चढ़ाना
✏ बाएं हाथ से नाक साफ करना
✏ दाढ़ी का उंगलियों से खिलाल करना
✏ हाथ  और  पावं  की  उंगलियों  का खिलाल करना
✏ हर उज्व को तीन- तीन बार धोना
✏ पुरे सर का मसह करना
✏ तरतीब से वुजू करना
✏ दाढ़ीके जोबाल मुंहके दाइरेके निचेहै उन पर गिला हाथ फेर लेना
✏ अअजा का  लगातार धो  लेना,  कि एक  उज्व सूखने से  पहले  ही दूसरे उज्व को धो ले
✏ कानों का मसह करना
✏ मकरूह बातों से बचना।

📚 (जन्नती जेवर : 161)

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📚हवाला: बरकाते शरीअत स.99
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Tuesday, 4 October 2016

वुजू में चार चीजें फ़र्ज़ है, फराइज़े वुजू, वुजु के फ़ज़ाइल पार्ट 20, बरकाते शरीअत पोस्ट -028

 बरकाते शरीअत पोस्ट -028
👉🏽 वुजु के फ़ज़ाइल पार्ट 20
🔹بسم الله الرحمن الرحيم
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🔹ﷺ
              👇🏽 फराइज़े वुजू 👇🏽

👉🏾 वुजू में चार चीजें फ़र्ज़ है :

1⃣ मुंह धोना।  यानी पेशानी (जहां से बाल
जमने  की शुरुआत हो )  से ठुडी तक तूल में
और अर्जमें एक कानकी लौसे दूसरे कानतक
जिल्दके हर हिस्से में कमअज कम एक मर्तबा
पानी पंहुचाना।

2⃣ कोहनियों समेत हाथ धोना इस हुक्म में
कोहनियां भी  दाखिल है, अगर  कोहनियों से
नाख़ून तक कोई जगह जर्रा भर भी धुलने से
रह जाएगी तो वुजू न होगा।

3⃣ सर का  मसह  करना। चौथाई सर का
मसह करना फर्ज है, मसह करने केलिये हाथ
तर होना चाहिये, ख़्वाह हाथ में तरी अअजाके
धोने के बाद  रह गई हो  या नए पानी से हाथ
तर कर लिया हो।

4⃣ टखनों समेत पांव धोना


अल्लाह عَزَّ وَجَلَّहमे कहने सुनने से ज्यादा
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Monday, 3 October 2016

🏽उंगलियों का खिलाल, वुजु के फ़ज़ाइल पार्ट 19, बरकाते शरीअत पोस्ट -027

बरकाते शरीअत पोस्ट -027


👉🏽 वुजु के फ़ज़ाइल पार्ट 19
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       👇🏽उंगलियों का खिलाल👇🏽

हुजूर रहमते आलम صَلَّى اللّٰهُ عَلَئهِٖ وَسَلَّم
ने इरशाद  फ़रमाया  " अपनी  उंगलियों का
खिलाल  करो   ताकि  उन के   दरमियान
जहन्नम की आग न डाल दी जाए। "

मेरे प्यारे आक़ा  صَلَّى اللّٰهُ عَلَئهِٖ وَسَلَّم  के
प्यारे  दीवानो !  इस  हदीस  में  हुजूर  रहमते
आलम  صَلَّى اللّٰهُ عَلَئهِٖ وَسَلَّم ने उंगलियों
के खिलाल का हुक्म  फ़रमाया और साथ ही
इसकी इल्लत यह बयान फर्माइ कि उंगलियों
का खिलाल न करने की वजह से जहन्नमकी
आग उंगलियों के दरमियान डाल दी जायेगी।
लिहाजा वुजू करते वक़्त हमें अपनी उंगलियों
का खिलाल भी करलेना चाहिये। खिलाल का
तरीका यह है  कि दाएं हाथ की उंगलियों को
बाएं हाथकी उंगलियों के दरमियान और बाएं
हाथकी उंगलियोंको दाएं हाथ की उंगलियोंके
दरमियान से गुजारा जाए  और बाएं हाथ की
छोटी  उंगली से दोनों  पैरो की  उंगलियों  का
खिलाल किया जाए।


अल्लाह عَزَّ وَجَلَّहमे कहने सुनने से ज्यादा
अमल करनेकी तौफ़ीक़ अता करे
📚हवाला: बरकाते शरीअत स.98
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Saturday, 1 October 2016

🏽मिस्वाक के फवाइद -2, वुजु के फ़ज़ाइल पार्ट 18, बरकाते शरीअत पोस्ट -026

 बरकाते शरीअत पोस्ट -026
👉🏽 वुजु के फ़ज़ाइल पार्ट 18

🔹بسم الله الرحمن الرحيم
🔹الصــلوةوالسلام‎ عليك‎‎يارسول‎الله
🔹ﷺ
       👇🏽मिस्वाक के फवाइद -2👇🏽
इसी  तरह   हजरत  अल्लामा  हसन  बिन
अम्मार علیہ الرحمہ मिस्वाक  के फवाइद
के बारे में तहरीर फरमाते है :
👉🏾 मिस्वाक करना फरिश्तों की सुन्नत है।
👉🏾 फ़रिश्ते मिस्वाक करने वाले से  मुसाफा
       करते है।
👉🏾 फ़रिश्ते साथ चलते है जब वो नमाज़ के
       लिए जाता है।
👉🏾 फ़रिश्ते उसके लिये इस्तिग़फार करते है
👉🏾 आमाल नामा सीधे हाथमें दिया जायेगा।
👉🏾 कजाए हाजत पर मदद करता है।
👉🏾 उसके लिये कब्र कुशादा हो जाती है।
👉🏾 लहद में मूनिस व गमख्वार होती है।
👉🏾 जन्नत के दरवाजे खोले जाते है।
👉🏾 जहन्नम  के  दरवाजे  उस पर बन्द कर
       दिये जाते है।
👉🏾 दुन्यासे पाकीजगी की हालत में निकलता है
👉🏾 फिरिश्ते    मिस्वाक    करने   वाले    के
       मुतअल्लिक़ कहते है कि यह अंबियाकी
       पैरवी करने वाला और उनके तरीके पर
       चलने वाला है।
👉🏾 मलेकुल मौत  मिस्वाक  करने वाले  की
       रूह कब्ज करने के वक़्त उसी सूरत में
       आते है जिस सूरत में अंबिया व औलिया
       के पास आते है।
👉🏾 दुन्यासे रुखसत होते वक़्त नबी ए मुकर्रम
       रसूले मोहतरमصَلَّى اللّٰهُ عَلَئهِٖ وَسَلَّم
       के हौज से  सैराब किया  जाता है  और
       वह  रहीके  मख्तुम (खालिस  शहद का
       मोहर शुदा मशरूब) है।

मेरे प्यारे आक़ा  صَلَّى اللّٰهُ عَلَئهِٖ وَسَلَّم  के
प्यारे दीवानो !  इंसान का  कोई भी  अमल दो
मकसद के लिये होता है। या तो उसका उसमे
कोई  दुनियावी फायदा होता है आख़िरत की
कोई भलाई  मकसूद होती है  मिस्वाक करना
ऐसा अमल है कि उसमे दुनिया के भी मुतअद्दिद
फवाइद  मुज्मर  है   और  आख़िरत  के  भी
मुख़्तलिफ़  फ़ज़ाइल  पोशीदा  हैं   जैसा  कि
आपने मज़कूरा सुतुर में  मुलाहजा फ़रमाया।
लिहाजा  हमें  हर  नमाज़ से  क़ब्ल  मिस्वाक
करने की आदत बनानी चाहिए।

अल्लाह عَزَّ وَجَلَّ हमे कहने सुनने से ज्यादा
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